राजधानी। लखनऊ की कोतवाली मड़ियांव में जन्माष्टमी का पर्व इस बार विशेष धूमधाम और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। थाना परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकी सभी का आकर्षण का केंद्र बनी।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने ठाकुर जी की आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-शांति, अपराधों पर नियंत्रण एवं समाज में भाईचारा बने रहने की कामना की। पुलिसकर्मियों ने भी साथ में भाग लेकर पर्व को और अधिक भव्य बना दिया।
पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भी अच्छी-खासी भीड़ रही। सभी ने मंदिरनुमा सजे कोतवाली परिसर में दर्शन किए, भजन-कीर्तन का आनंद लिया और प्रसाद प्राप्त किया। इस दौरान ‘राधे-राधे’ और ‘कन्हैया लाल की जय’ के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।
भजन-कीर्तन ने बांधा समां
कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय कलाकारों और भक्त मंडली ने श्रीकृष्ण जन्म की लीलाओं पर आधारित भजन प्रस्तुत किए। मुरली की धुन और ढोलक-झांझ की ताल पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नाच उठे। आधी रात 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया, पूरे थाना प्रांगण में हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई।
भक्तों को मिला प्रसाद
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। उपस्थित लोगों ने इसे सामाजिक एकता और धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बताया।
थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने कहा कि “जन्माष्टमी का पर्व हमें धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था संभालना ही नहीं बल्कि समाज और संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों को सहयोग देना भी है।”