राजधानी। लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में दूषित पेयजल की आपूर्ति अब जानलेवा साबित हो रही है। सेक्टर 7/81 निवासी राजेश कौशल (55 वर्ष) की मौत गंदा पानी पीने से होने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में हर घर से बीमारियों की खबरें आ रही हैं, और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
गंदा, बदबूदार पानी – शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नलों में बदबूदार, कीड़ेयुक्त और गंदा पानी आ रहा है। इसके बावजूद नगर निगम और जलकल विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। मृतक के परिजनों और पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
बीमारियों की चपेट में पूरा मोहल्ला
जानकीपुरम निवासी होरी लाल ने बताया, “लगभग हर घर में उल्टी, दस्त, बुखार और पेट की गंभीर बीमारियों के मामले हैं। अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है।” क्षेत्र में चिकित्सा शिविर तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे लोगों को इलाज में कठिनाई हो रही है।
बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे नाज़ुक
दूषित जल का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखा जा रहा है। कई छोटे बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, वहीं बुजुर्गों को लगातार कमजोरी और बुखार की शिकायत है। स्थानीय लोग बेहद डरे हुए हैं और बच्चों को बाहर खेलने तक नहीं दे रहे।
मुआवज़े और कार्रवाई की मांग
राजेश कौशल के परिवार ने सरकार से मुआवज़े और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, क्षेत्रीय जनता ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत साफ पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
पूरे मामले पर अब तक जलकल विभाग और नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे जनता में आक्रोश और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि उनकी ज़िंदगी दांव पर लगी है और अधिकारी सिर्फ फाइलों में व्यस्त हैं।