लखनऊ। भारतीय योग परिषद् एवं उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में “महर्षि पतंजलि – यौगिक जीवन से सफलता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दीप प्रज्ज्वलन के साथ भव्य रूप से किया गया।
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से आए वक्ताओं ने योग और यौगिक जीवनशैली के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय योग संस्थान के प्रान्तीय संगठन मंत्री श्री सुरेश कुमार दुबे द्वारा यौगिक जीवन को दैनिक जीवन में अपनाने की विधियों पर प्रकाश डालते हुए की गई। इसके पश्चात लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ. नीरज जैन ने योग को जीवन पद्धति के रूप में अपनाने पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम जी ने की। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. अलका वर्मा, भारतीय योग परिषद् के निदेशक एवं सभी गणमान्य अतिथियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा योग विषय से संबंधित संचालित पाठ्यक्रमों की भी जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी, डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव, योगाचार्या भारती मिश्रा, सत्येन्द्र गुप्ता, डॉ. कल्पना सिंह, भारतीय योग परिषद् के उपाध्यक्ष बलराम वर्मा, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जनपद से दीप कुमार मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने योग, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन में इसके प्रभाव पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में भारतीय योग परिषद् की सहयोगी संस्थाओं — के हेल्थ एंड फिटनेस केयर फाउंडेशन, राजेन्द्र राय सेवा ट्रस्ट (वाराणसी), ए.के. हेल्प सोशल फाउंडेशन (सीतापुर), जे.पी. मेमोरियल संस्थान (लखनऊ), इंडियन आर्ट एंड सोशल फाउंडेशन, वेस इंडिया, वैदिक मित्र न्यास, कार्तिकेय सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन सहित अनेक संस्थाओं का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम में समरीन बानो, इरम फातिमा, तनवीर फातिमा, कुणाल वर्मा, अनामिका, योगाचार्या सुमिता मन्दानी, कोमल, अशिका रस्तोगी सहित अनेक प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ए.के. हेल्प सोशल फाउंडेशन की अध्यक्ष सुश्री नीलू पाण्डेय एवं योगिता मिश्रा द्वारा सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।