प्रयागराज में भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. इस बीच वर्ष 1862 में अंग्रेजों द्वारा आयोजित किए गए कुंभ मेले में खर्च किए गए रुपये और उससे प्राप्त राजस्व को लेकर जानकारी आई है. 1862 में आयोजित कुंभ मेले को लेकर उस समय के उत्तर-पश्चिम प्रांत के सचिव एआर रीड की रिपोर्ट के अनुसार इस मेले में 20,228 रुपये खर्च हुए थे, जबकि राजस्व के रूप में अंग्रेजी सरकार को 49,840 रुपये हासिल हुए थे. यानी, सरकार को 29,612 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. इस बारे में प्रयागराज के क्षेत्रीय अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में अंग्रेजी शासनकाल में आयोजित कुंभ मेलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं. इनमें वर्ष 1862 के कुंभ मेले के खर्च और आय का ब्योरा भी शामिल है. उस समय उत्तर-पश्चिम प्रांत के सचिव एआर रीड की रिपोर्ट के अनुसार, इस कुंभ मेले में 20,228 रुपये खर्च हुए थे, जबकि राजस्व के रूप में अंग्रेजी सरकार को 49,840 रुपये हासिल हुए थे. यानी, सरकार को 29,612 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. इसके अलावा, वर्ष 1894 और 1906 के कुंभ मेलों के दौरान हुए आय-व्यय का लेखा-जोखा भी अभिलेखों में दर्ज है. इनका ब्योरा तत्कालीन मजिस्ट्रेट एच.वी. लॉवेट ने तैयार किया था. वर्ष 1894 के मेले में विभिन्न स्रोतों से 67,306 रुपये 11 आने 3 पैसे का राजस्व प्राप्त हुआ.