सीतापुर। खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बन्नीशाहपुर में एक किसान की खड़ी गेहूं की फसल को कथित रूप से क्षेत्रीय लेखपाल और शिकायतकर्ता की मिलीभगत से ट्रैक्टर चलवाकर जोत दिए जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण को लेकर पीड़ित किसान साजिद खां व शिवराम ने जिलाधिकारी सीतापुर को प्रार्थनापत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि उनकी कृषि भूमि गाटा संख्या 754-क संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है। आरोप है कि 7 दिसंबर को दोपहर लगभग 2:50 बजे लेखपाल आलोक मिश्रा ने बिना किसी पैमाइश, बिना किसी नोटिस और बिना वैधानिक प्रक्रिया के शिकायतकर्ता अजय पाल जायसवाल के कहने पर खेत में खड़ी गेहूं की फसल को ट्रैक्टर से नष्ट करा दिया। किसान और ग्रामीणों के विरोध के बावजूद लेखपाल ने कोई सुनवाई नहीं की और न ही नाप-जोख कराई।
पीड़ित साजिद खां का कहना है कि विरोध करने पर लेखपाल ने एफआईआर कर जेल भिजवाने की धमकी तक दी। किसानों का स्पष्ट कहना है कि उनकी कब्जे वाली भूमि पर न तो कोई विवाद था और न ही कोई अवैध निर्माण, इसके बावजूद उनकी मेहनत की फसल उजाड़ दी गई।
किसानों ने जिलाधिकारी से संबंधित लेखपाल और शिकायतकर्ता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, फसल के नुकसान की भरपाई और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।