लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने आज राजधानी में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस धरने में उनके हजारों समर्थक शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार पिछड़ों, दलितों और गरीब वर्गों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके समाज के लोगों के अधिकार छीनने की साजिश हो रही है और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
मौर्य ने अपनी मांगें रखीं: पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के अधिकारों की रक्षा की गारंटी। सरकारी नौकरियों में आरक्षण को पूरी तरह लागू करना। जातिगत जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करना। गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता।
धरने में बोलते हुए मौर्य ने कहा:
“जब तक हमारी आवाज नहीं सुनी जाएगी, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सरकार ने हमें मजबूर किया है कि हम सड़क पर उतरें। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम और बड़ा आंदोलन करेंगे।”
धरने के दौरान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया ताकि जाम की स्थिति न बने। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी मौर्य का समर्थन किया और कहा कि सरकार की नीतियाँ गरीब विरोधी हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए और समाज के कमजोर वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
धरना शाम तक चला और अंत में नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जिसमें उनकी प्रमुख माँगों को शामिल किया गया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में हजारों समर्थकों के साथ धरना दिया। उन्होंने पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाया और आरक्षण लागू करने व जातिगत जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने की माँग की। धरना शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।