पत्रकार राघवेन्द्र हत्याकांड में छह माह से फरार बदमाशों पर , एक-एक लाख का था इनाम
मां हिन्दू,पिता मुसलमान दोनों के दो दो सरनेम तिवारी और खा
सीतापुर। सीतापुर जिले के महोली क्षेत्र निवासी पत्रकार राघवेन्द्र बाजपेई हत्याकांड में फरार चल रहे दो कुख्यात इनामी बदमाश गुरुवार सुबह सीतापुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गए। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने पिसावां थाना क्षेत्र के दुल्लापुर तिराहे के पास दोनों अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने मौके से अवैध असलहे भी बरामद किए हैं।
मृत बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान और संजय तिवारी उर्फ शिबू उर्फ शकील खान, दोनों पुत्र कृष्ण गोपाल उर्फ करीम खान निवासी अटवा थाना मिश्रिख, सीतापुर के रूप में हुई है। ये दोनों सगे भाई थे। इनकी मां हिन्दू जबकि पिता मुस्लिम है।पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये लंबे समय से फरार चल रहे थे।
गुरुवार सुबह तड़के पुलिस को सूचना मिली कि दोनों इनामी बदमाश किसी बड़ी वारदात की फिराक में क्षेत्र में घूम रहे हैं। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि बीते 8 मार्च 2025 को पत्रकार राघवेन्द्र वाजपेई की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि राजू और संजय तब से फरार थे।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए दोनों भाई कुख्यात अपराधी थे। राजू तिवारी उर्फ रिजवान ने वर्ष 2006 में लखीमपुर-खीरी में एक उपनिरीक्षक परवेज अली की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी थी। वहीं संजय तिवारी उर्फ शकील खान ने सीतापुर के मछरेहटा क्षेत्र में देवी सहाय शुक्ल की सरेराह गोली मारकर हत्या की थी। दोनों पर हत्या, लूट, डकैती सहित दो दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि इलाके में अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।