दबंग बैंक कर्मचारियों पर गंभीर आरोप, परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार
लखनऊ, 13 सितम्बर। राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्हैया माधवपुर, दुबग्गा में बैंक कर्मचारियों की दबंगई और कथित उत्पीड़न से आहत एक महिला ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पीड़िता की हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें मिडकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
मामला क्या है?
पीड़िता के पति रामजी निगम पुत्र सुरेन्द्र कुमार निगम, निवासी फरीदीपुर, दुबग्गा, काकोरी के अनुसार उन्होंने फुल्लेस्टोर इंडिया क्रेडिट कंपनी (एस.एम.एफ.जी. इंडिया क्रेडिट) से “बाबा के ढाबा” नामक व्यवसाय चलाने के लिए ऋण लिया था। समय-समय पर किश्तों का भुगतान किया गया और रसीदें भी उपलब्ध हैं।
इसके बावजूद 18 अगस्त 2025 को बैंक की ओर से मकान सील करने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। आरोप है कि बकाया किश्तें और एक अग्रिम किश्त जमा करने के बावजूद बैंक कर्मचारी जबरन मकान कब्जाने का प्रयास कर रहे थे।
गंभीर आरोप बैंक कर्मचारियों पर
रामजी निगम का आरोप है कि बैंक के रिकवरी मैनेजर त्रिपाठी और सहयोगी हसीब, अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर मोहम्मद यूनुस के नाम से फर्जी नोटिस चस्पा करने लगे। विरोध करने पर उनके घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने कहा—
“ज़हर खाकर मर जाओ, लेकिन घर खाली करना ही पड़ेगा।”
महिला की हालत नाज़ुक
इस मानसिक उत्पीड़न से आहत होकर मीरा निगम ने घर में रखी सल्फास की गोली खा ली। परिजनों और पड़ोसियों ने उन्हें पहले चंद्रावती हॉस्पिटल, झागरबाग पहुँचाया, जहाँ हालत गंभीर होने पर उन्हें मिडकेयर हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
परिजनों की मांग
पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध तरीके से मकान कब्जाने की कोशिश की और उनकी पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
परिवार ने प्रशासन से दोषी बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।