मुजफ्फरपुर अपहरण मामला: खुशी के पिता और पान दुकानदार का CBI कराएगी नार्को टेस्ट
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके से करीब पांच वर्ष पूर्व अपहृत पांच वर्षीय बच्ची खुशी के मामले में जांच कर रही सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। सीबीआई अब बच्ची के पिता राजन साह और लक्ष्मी चौक के पान दुकानदार विक्की कुमार का नार्को टेस्ट कराएगी।
मंगलवार को सीबीआई की टीम दोनों को लेकर सीबीआई की विशेष अदालत में पहुंची, जहां दोनों ने नार्को टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति दी। इसके बाद विशेष अदालत ने सीबीआई को नार्को टेस्ट कराने की अनुमति प्रदान कर दी। हालांकि, नार्को टेस्ट कब और कहां कराया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि इससे पहले खुशी के पिता राजन साह का पालीग्राफी टेस्ट भी कराया जा चुका है।
क्या है पूरा मामला
16 फरवरी 2021 को ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पमरिया टोला स्थित एक पूजा पंडाल से पांच वर्षीय खुशी का अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन 17 फरवरी को बच्ची के पिता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शुरुआत में मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। जांच के दौरान पुलिस ने पूर्वी चंपारण के चकिया थाना क्षेत्र के बरमदिया गांव निवासी अमन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने 30 अप्रैल 2021 को अमन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में 20 दिसंबर 2022 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
जमानत के बाद फिर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा अमन
आरोपी अमन कुमार को पिछले वर्ष जनवरी में हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। वह 8 मार्च 2021 से जेल में बंद था। जमानत के बाद वह सीबीआई और कोर्ट की सुनवाई में लगातार अनुपस्थित रहा।
इस दौरान अमन पर लूटपाट के कई नए मामले दर्ज हुए। मोतीपुर थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ लूट के तीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल वह सिवाईपट्टी क्षेत्र में लूट के एक मामले में जेल में बंद है।
हाईकोर्ट ने जमानत देते समय शर्त रखी थी कि अमन को प्रत्येक सुनवाई पर विशेष सीबीआई अदालत में उपस्थित रहना होगा। बिना कारण दो तिथियों पर अनुपस्थित रहने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की स्थिति में उसकी जमानत रद्द मानी जाएगी।