नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आज हुई GST परिषद की 56वीं बैठक में ऐतिहासिक फैसले लिए गए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में GST दर संरचना को पूरी तरह सरल करते हुए अब केवल दो स्लैब – 5% और 18% रखने का निर्णय लिया गया है।
📌 क्या बदला GST में?
पहले की चार दरें (5%, 12%, 18% और 28%) को घटाकर अब सिर्फ दो दरें (5% और 18%) लागू होंगी।
रोजमर्रा की वस्तुएँ जैसे टूथपेस्ट, शैम्पू, साबुन अब 18% से घटकर 5% पर उपलब्ध होंगी।
कार, टीवी, फ्रिज और एसी जैसी वस्तुएँ 28% से घटाकर 18% पर लाई गईं।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों को पूरी तरह GST मुक्त किया गया।
📌 लग्जरी और पाप उत्पादों पर कड़ा टैक्स
परिषद ने स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने वाले और लग्जरी उत्पादों पर 40% का विशेष स्लैब लागू करने का फैसला किया। इसमें तंबाकू, गुटखा, बीड़ी और शराब जैसी चीज़ें शामिल होंगी।
📌 छोटे व्यापारियों और निर्यातकों को राहत
बैठक में व्यापार सुगमता के कई उपाय भी मंजूर हुए:
MSMEs (लघु एवं मध्यम उद्योगों) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अब केवल 3 दिन में पूरी होगी।
निर्यातकों को ऑटोमेटेड GST रिफंड मिलेगा, जिससे कारोबारियों की पूंजी अटकी नहीं रहेगी।
📌 राज्यों की चिंता
कुछ राज्यों ने आशंका जताई है कि टैक्स दरों में कटौती से उनके राजस्व में कमी आ सकती है। केरल, तमिलनाडु और बंगाल जैसे राज्यों ने केंद्र सरकार से मुआवज़ा देने की मांग की है।
📌 दिवाली से पहले “GST 2.0”
केंद्र सरकार ने इन संशोधनों को “GST 2.0” नाम देते हुए इसे जनता के लिए दिवाली का तोहफ़ा बताया है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से त्योहारी सीज़न में खपत बढ़ेगी और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
✍️ निष्कर्ष
GST परिषद के ये फैसले अब तक के सबसे बड़े बदलाव माने जा रहे हैं।
👉 उपभोक्ताओं को सस्ते सामान और सेवाएँ मिलेंगी।
👉 छोटे व्यापारियों और उद्योगों के लिए टैक्स प्रक्रिया आसान होगी।
👉 सरकार को “sin goods” पर ज्यादा टैक्स से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।