बलुआ (चंदौली): सोमवार की शाम बलुआ थाना क्षेत्र स्थित बलुआ पुल पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अचानक गंगा नदी में छलांग लगा दी। गलीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय गोताखोरों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की है। सकलडीहा तहसील के इटवा गांव का निवासी रिंकू राजभर (30 वर्ष) बलुआ पुल पर पहुँचा और अचानक नदी में कूद गया। उस समय वह नशे की हालत में बताया जा रहा था।
गोताखोर बने ‘जीवनरक्षक’
जिस समय युवक कूदा, पुल के नीचे नदी किनारे कुछ स्थानीय गोताखोर अपनी नाव की मरम्मत (अलकतरा लगाने का काम) कर रहे थे। गोताखोर मार्केंडे माझी, रवि और आशीष ने जैसे ही युवक को पानी में गिरते देखा, उन्होंने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों ने युवक को डूबने से पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
आत्मघाती कदम के पीछे की वजह
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने युवक को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भिजवाया। होश में आने पर युवक ने बताया कि उसकी पत्नी घर वापस नहीं आ रही थी, जिससे वह काफी तनाव में था। इसी मानसिक परेशानी और नशे के कारण उसने अपनी जान देने की कोशिश की।
”युवक को अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद पुष्टि हुई है कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत अब स्थिर है।”
— डॉ. रितेश जायसवाल, प्रभारी, PHC
प्रशासनिक कार्रवाई: पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की छानबीन की जा रही है। स्थानीय लोगों ने गोताखोरों की बहादुरी की जमकर प्रशंसा की है।