Edition

best news portal development company in india

भावुक कर देने वाली विदाई: शिक्षक महेंद्र नाथ सिंह यादव को मिली भव्य विदाई, ग्राम प्रधान रिंकू सिंह ने बढ़ाया मान

SHARE:

रामगढ़, महराजगंज (चंदौली): रामनवमी के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत रामगढ़ स्थित कंपोजिट विद्यालय में एक भव्य एवं भावपूर्ण ‘शिक्षक सम्मान व विदाई समारोह’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ अध्यापक श्रीमान महेंद्र नाथ सिंह यादव जी की सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में आयोजित था, जहाँ उपस्थित जनसमूह की आँखें अपने प्रिय शिक्षक की विदाई पर नम हो गईं।
​सम्मान और सत्कार की गूंज
​समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और माल्यार्पण से हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सत्येंद्र सिंह ‘बब्बू’ और विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह मौजूद रहे। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई ले रहे शिक्षक महेंद्र नाथ सिंह यादव जी को ढोल-नगाड़ों के साथ गौरवमयी विदाई दी गई।
​16 राष्ट्रीय अवॉर्ड प्राप्त प्रधान रिंकू सिंह का संबोधन
​कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार सिंह ‘रिंकू सिंह’ रहे। सभा में यह गर्व के साथ साझा किया गया कि वे पूरे भारत में चंदौली जनपद के इकलौते ऐसे प्रधान हैं, जिन्हें 16 विभिन्न अवार्ड्स से नवाजा जा चुका है। रिंकू सिंह ने अपने ओजस्वी संबोधन में शिक्षा और शिक्षक के महत्व पर प्रकाश डाला, जिस पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
​अमृतवाणी से महफिल में लगे चार चांद
​कार्यक्रम का कुशल संचालन राज्य सरकार द्वारा सम्मानित अध्यापक श्री नंद किशोर शर्मा ने किया। उनकी ‘अमृतवाणी’ और काव्यमयी शैली ने उपस्थित लोगों की भावनाओं को झकझोर दिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया। वहीं, राज्य सरकार से पुरस्कृत अध्यापक श्री वीरेंद्र यादव ने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित कर कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखी।
​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
​खंड शिक्षा अधिकारी सहित आए हुए अन्य अधिकारियों ने भी महेंद्र नाथ जी के कार्यकाल की सराहना की। कार्यक्रम में बच्चों और रसोइयों को भी सम्मानित किया गया और सभी के लिए सुंदर पकवानों की व्यवस्था रही।
​आयोजक मंडल:
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभारी अध्यापक संतोष यादव, संदीप यादव, पूर्व प्रधान संतोष यादव, दिलीप सिंह, अध्यापिका एकता सिंह और पूर्व प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश यादव की मुख्य भूमिका रही। इस अवसर पर अध्यापक अनुराग त्रिपाठी, संदीप यादव और दिलीप सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
​”शिक्षक कभी सेवामुक्त नहीं होता, वह समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहता है।”