उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आए इस बजट में निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता में रखा गया है।
10 लाख रोजगार सृजन की संभावना
वित्त मंत्री ने बताया कि विभिन्न निवेश परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 10 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का फोकस पूंजी निवेश और आधारभूत संरचना के विस्तार के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाने पर है।
फरवरी 2024 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का अनुमान है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किए जा चुके हैं।
बेटियों की शादी के लिए एक लाख रुपये की सहायता
सरकार ने बालिकाओं के कल्याण के लिए बड़ा ऐलान करते हुए शादी के लिए आर्थिक सहायता को बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की घोषणा की है। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
महिलाओं के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र
कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पीपीपी मॉडल पर कौशल संवर्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे, ताकि उन्हें सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में प्रशिक्षण मिल सके।
कौशल विकास पर मिशन मोड में काम
सरकार ने कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और नए केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर मिल सकें।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
जनविश्वास सिद्धांत के तहत उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को और सरल व पारदर्शी बनाने पर जोर रहेगा, ताकि निवेशकों को बेहतर माहौल मिल सके।
एग्री-एक्सपोर्ट हब और कृषि क्षेत्र को बल
विश्व बैंक की सहायता से संचालित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे। इससे कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद है।
उद्योग और निर्यात में मजबूती
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। साथ ही भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी प्रदेश में स्थित हैं। राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
एसडीजी इंडेक्स में सुधार
सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 में 29वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है, जिसे सरकार अपनी नीतियों की सफलता के रूप में पेश कर रही है।