रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के बीच सरकार ने छात्रों की मांगों और चिंताओं को गंभीर तथा जायज बताते हुए बातचीत के जरिए समाधान का संकेत दिया है।
झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार पिछले कुछ दिनों से छात्रों के साथ संवाद शुरू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव और गंभीर चिंताएं सामने रखी हैं तथा सरकार उनका समाधान निकालने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है और जल्द किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की उम्मीद है।
इधर, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनकी तबीयत काफी खराब है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कम है तथा शरीर में पानी की कमी हो गई है। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन से पीछे हटने से इनकार किया।
महतो के मुताबिक, छात्रों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों की सूची रखी है। उनका दावा है कि सरकार ने छात्रों की मांगों को जायज बताया है और कहा है कि इन पर विचार किया जा रहा है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की निष्पक्ष जांच/रद्द करने की मांग, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, JPSC और JSSC में व्यापक सुधार तथा कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच शामिल हैं।
आंदोलन अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार का कहना है कि जांच और बातचीत दोनों प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं।
अब निगाहें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली औपचारिक वार्ता पर हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आते हैं, तो लंबे समय से जारी इस आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
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