Iconic India News | ब्यूरो रिपोर्ट अनुराग तिवारी
सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल निवासी अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी पर महाराष्ट्र पुलिस ने 25 से अधिक महिलाओं को शादी के जरिए कथित तौर पर ठगने का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, उसे 24 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया, जहां वह कथित तौर पर फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक उसने अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद गुप्ता जैसे अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया।
मामला ठाणे की एक शिकायत से सामने आया। पुलिस के मुताबिक एक 75 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि अनुज ने उसकी 45 वर्षीय बेटी से वैवाहिक विज्ञापन के जरिए संपर्क कर 2019 में शादी की। परिवार से कथित तौर पर ₹82 लाख नकद और 33 तोला आभूषण लिए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुल करीब ₹97 लाख की धोखाधड़ी का मामला बताया है।
जांच में पुलिस को महाराष्ट्र के अमरावती में एक अन्य महिला से ₹25 लाख की कथित ठगी का मामला भी मिला। पुलिस का कहना है कि आरोपी का बेटा भी उस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तारी के दौरान फर्जी आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड बरामद होने की बात भी पुलिस ने कही है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
₹600 करोड़ का दावा- हाल की शिकायतों में कुछ कथित पीड़िताओं ने अनुज पर करीब ₹600 करोड़ की ठगी का आरोप लगाया है और उसकी संपत्तियों की जांच/कुर्की की मांग की है।
विधायक ज्ञान तिवारी से पारिवारिक रिश्ता
मामले का राजनीतिक पहलू तब सामने आया जब पता चला कि अनुज त्रिवेदी, सीतापुर की सेवता सीट से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी के समधी हैं। ज्ञान तिवारी की बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी की शादी 2024 में अनुज के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी।
ज्ञान तिवारी ने 7 अगस्त को सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें इस पूरे मामले से गहरा सदमा लगा है और वे खुद को भी “ठगा हुआ” महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी से पहले उन्होंने कई प्रभावशाली लोगों से परिवार के बारे में जानकारी ली थी। विधायक के मुताबिक उन्हें परिवार के रियल एस्टेट कारोबार में होने की जानकारी दी गई थी।विधायक ने अब अनुज के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि उनकी बेटी चाहेगी तो वह स्वयं भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
लेकिन सवाल अभी बाकी हैं
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि अनुज के खिलाफ अलग-अलग वर्षों में मामले दर्ज होने की बात सामने आ रही है, तो 2024 में एक विधायक के परिवार में रिश्ता तय होने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच कितनी गहराई से हुई थी?
दूसरा सवाल यह है कि पीड़िताओं द्वारा लगाए गए राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल के आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने कार्रवाई प्रभावित की, तो वह कौन था।
Iconic इंडिया न्यूज़ की नज़र एकाएक इस गंभीर मुद्दे पर बनी रहेगी।
Author Profile
Latest entries
BreakingAugust 19, 2026अवैध और हानिकारक मच्छर रोधी अगरबत्तियों पर प्रशासन सख्त, बिक्री पाई गई तो होगी कानूनी कार्रवाई
BreakingAugust 19, 2026बीएसए सचिन कुमार ने KGBV सकलडीहा का किया औचक निरीक्षण, छात्राओं से लिया सुविधाओं का फीडबैक
BreakingAugust 19, 2026नरौली गांव के काली मंदिर से 20 किलो का घंटा और सात चांदी की आंखें चोरी
BreakingAugust 17, 2026मेहंदीघाट से कांवर लेकर गौरीशंकर धाम पहुंचे श्रद्धालु, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर