Edition

best news portal development company in india

​चंदौली: ‘गंगा दर्शन पदयात्रा’ के जरिए दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विधायक प्रतिनिधि ने दिखाई हरी झंडी

SHARE:

​चंदौली। जनपद में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत गंगा की निर्मलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य ‘गंगा दर्शन पदयात्रा’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी श्री चंद्र मोहन गर्ग के आदेशानुसार एवं प्रभागीय वनाधिकारी श्री बी. शिव शंकर के दिशा-निर्देशों में आयोजित यह कार्यक्रम जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे) दर्शन निषाद के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
​पदयात्रा का शुभारंभ
​3 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा का आगाज पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क, पड़ाव जलीलपुर से हुआ। पंडित दीनदयाल नगर विधायक प्रतिनिधि श्री संजय पासवान एवं उप-प्रभागीय वनाधिकारी चकिया ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।
​पदयात्रा में उत्साहपूर्ण भागीदारी
​गंगा मैया के जयकारों के साथ निकली इस पदयात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों ने हिस्सा लिया:
​सुरक्षा बल: गंगा टास्क फोर्स (137BN बटालियन) के देवेंद्र सिंह की टीम।
​वन विभाग: मुगलसराय रेंज के ड्यूटी रेंजर और उनकी टीम।
​सामाजिक संगठन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (इकाई नियमपुर खंड) के स्वयंसेवक और जिला गंगा समिति के सदस्य।
​युवा शक्ति: गंगा प्रहरी और बाल गंगा प्रहरी की उत्साहित टीम।
​घाट पर स्वागत एवं संगोष्ठी
​पदयात्रा का समापन अवधूत भगवान राम घाट, जलीलपुर पर हुआ, जहाँ जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद ने अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए:
​आर.बी. पटेल (आरएसएस): उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा संदेश देती है कि माँ गंगा भारत की आत्मा हैं और इन्हें प्रदूषण मुक्त रखना हमारा परम कर्तव्य है।
​राधेश्याम पांडेय (पर्यावरण संरक्षण प्रभारी): उन्होंने ‘मियावाकी जंगल’ भ्रमण को अद्भुत बताते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
​डॉ. राजेश साहनी (वरिष्ट वैज्ञानिक): उन्होंने सुखद जानकारी साझा करते हुए बताया कि गंगा में अब विलुप्त हो रही मछलियाँ जैसे रोहू, कतला और नैन फिर से दिखने लगी हैं, जिससे निषाद समाज को सीधा लाभ होगा।
​मंशा साहनी (महिला मंडल अध्यक्ष): उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छ पर्यावरण ही असली जीवन दर्शन है और ऐसे भ्रमण कार्यक्रमों से सामाजिक व धार्मिक चेतना जागृत होती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने सकारात्मक विचारधारा के साथ गंगा और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लिया। संघ के यती जी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे भारत की आत्मा से जुड़ने वाला अद्भुत प्रयास बताया।