चकिया चंदौली। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना निदेशालय लखनऊ के निर्देशन में सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ सुरेन्द्र कुमार सिंह और डॉ कलावती के कुशल निर्देशन में सप्तदिवसीय विशेष शिविर ( 9 मार्च से 15 मार्च 2026 तक) के दूसरे दिवस पर “ सामाजिक जीवन में शिक्षा का महत्व” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में सुबह 9 बजे से राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक और सेविका शिविर स्थल पर उत्साह और सहभागिता के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आरंभ शिविर स्थल की साफ सफाई, बैनर एवं मंच सज्जा के साथ हुआ।
कार्यक्रम के शुभारंभ में कार्यक्रम अधिकारी अपने संबोधन कहा कि शिक्षा मनुष्य के जीवन का आधार है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति न केवल ज्ञान प्राप्त करता है, बल्कि उसके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास भी होता है। उन्होंने बताया कि शिक्षित समाज ही देश को प्रगति और समृद्धि की ओर ले जा सकता है। शिक्षा से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज में समानता तथा जागरूकता स्थापित करने में सहायता मिलती है। इस अवसर पर एनएसएस के स्वयंसेवकों ने शिक्षा के महत्व पर चौहान मलिन बस्ती एवं मुस्लिम बस्ती मुहम्मदाबाद और शेरपुर क्षेत्र के गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।
रैली के दौरान “सब पढ़ें, सब बढ़ें”, “शिक्षा है सफलता की कुंजी” और “बेटी पढ़ाओ, देश बढ़ाओ” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया। इस पहल से ग्रामीणों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ पवन कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का भी कार्य करती है। उन्होंने सभी स्वयं सेवक और सेविका से कहा कि वे अपने घर और आसपास के बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करे और उनकी पढ़ाई के प्रति सहयोग एवं गंभीर रहें।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुरेन्द्र कुमार सिंह ने सभी स्वयंसेवकों से कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अध्यापकगण डॉ संतोष कुमार यादव एवं विश्व प्रकाश शुक्ल सहित सभी प्रतिभागी स्वयंसेवक, उपस्थित रहे।