चकिया चंदौली। शिकारगंज क्षेत्र के प्राचीन हनुमान जी मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम कथा के छठे दिन प्रभु श्री राम और माता सीता का विवाह प्रसंग श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथा व्यास स्वामी हरिशानन्द महाराज जी ने दिव्य झांकी के साथ इस पवित्र विवाह का वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर कथा पंडाल को विवाह मंडप की तरह सजाया गया था। फूलों, रंगीन वस्त्रों और रोशनी से सजे मंच पर राम-जानकी विवाह प्रसंग शुरू होते ही वातावरण भक्तिमय हो गया। बारात आगमन पर मंगल गीत गाए गए और जयमाला की रस्म का जीवंत वर्णन किया गया।
जब माता सीता ने प्रभु श्री राम को वरमाला पहनाई, तो पूरा पंडाल ‘जय सियाराम’ के जयघोष से गूंज उठा। कथाव्यास स्वामी हरिशानन्द महाराज ने बताया कि राम विवाह एक आदर्श विवाह है, और इस दिव्य विवाह के साक्षी बनने वाले सभी श्रद्धालुओं के जीवन से कष्ट दूर होंगे। उन्होंने विवाह को धर्म, प्रेम और त्याग का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर प्रभु श्री राम और माता सीता के विवाह में कन्यादान की रस्म भी अदा की गई। कथा व्यास स्वामी श्री हरिशानन्द महाराज के सानिध्य में पंडित नीरज शास्त्री द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न करवाया गया। इस कथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कथा श्रवण करने वालों में वीरेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि प्रवीण कुमार यादव, संजय श्रीवास्तव, आकाश केसरी, पूर्व प्रधान दिनानाथ मौर्य, अजय कुमार चौहान, रामायन दास मोदनवाल, इंदु देवी, सविता कुमारी, शैलजा यादव, साक्षी सिंह, प्रदीप कुमार, अनुज यादव और राम तीरथ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।