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रिव्यू:| Iconic India News
यशराज स्पाई यूनिवर्स की नई फिल्म ‘अल्फा’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार इसलिए भी था क्योंकि पहली बार इस स्पाई यूनिवर्स की कमान दो महिला एजेंटों के हाथ में दिखाई गई है। आलिया भट्ट और शरवरी की जोड़ी, दमदार एक्शन और बड़े स्टारकास्ट के साथ फिल्म बड़े पर्दे पर उतरी है। रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर काफी आलोचना हुई, लेकिन थिएटर में देखने के बाद तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।
कहानी
फिल्म की कहानी देशभक्ति, गुप्त मिशन और आधुनिक विज्ञान के मेल पर आधारित है। एक गुप्त सैन्य परियोजना से शुरू होने वाली कहानी धीरे-धीरे एक बड़े राष्ट्रीय मिशन का रूप ले लेती है। इसी मिशन के केंद्र में होती है सीता, जिसे विशेष परिस्थितियों में तैयार किया गया है। उसके सामने सिर्फ दुश्मनों से लड़ने की चुनौती नहीं, बल्कि अपनी पहचान और अतीत से जुड़े कई सवाल भी हैं।
कहानी में ट्विस्ट और एक्शन लगातार आते हैं, लेकिन कई मोड़ ऐसे हैं जिनका अंदाजा दर्शक पहले ही लगा सकते हैं। यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी भी है। हालांकि स्क्रीनप्ले की गति अच्छी होने के कारण फिल्म कहीं भी ज्यादा बोझिल महसूस नहीं होती।
अभिनय– आलिया भट्ट ने इस फिल्म में साबित किया है कि वह सिर्फ इमोशनल या रोमांटिक किरदारों तक सीमित नहीं हैं। एक्शन सीक्वेंस में उनका आत्मविश्वास और स्क्रीन प्रेजेंस प्रभावित करता है। शरवरी ने भी शानदार काम किया है। उनके हिस्से में आए एक्शन सीन और हल्के-फुल्के संवाद फिल्म को संतुलित बनाए रखते हैं। दोनों अभिनेत्रियों की केमिस्ट्री इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। अनिल कपूर हमेशा की तरह अपने किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं। वहीं बॉबी देओल का अभिनय अच्छा है, लेकिन उनका किरदार और बैकस्टोरी उतनी मजबूती से विकसित नहीं हो पाती जितनी उम्मीद थी। फिल्म में ऋतिक रोशन का कैमियो दर्शकों के लिए सरप्राइज पैकेज है। उनकी एंट्री थिएटर में सीटियां और तालियां बटोरने में सफल रहती है, हालांकि उनका स्क्रीन टाइम सीमित है।
निर्देशन-निर्देशक शिव रवैल ने फिल्म को भव्य पैमाने पर पेश करने की कोशिश की है। सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने अनावश्यक रोमांस, लंबे गानों और गैरजरूरी कॉमेडी से दूरी बनाई है। फिल्म अपने मुख्य मिशन पर फोकस बनाए रखती है।
एक्शन सीक्वेंस शानदार तरीके से फिल्माए गए हैं और कई दृश्य बड़े पर्दे पर प्रभाव छोड़ते हैं। सिनेमैटोग्राफी और विजुअल इफेक्ट्स फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर का लुक देने की कोशिश करते हैं।
हालांकि पटकथा में कुछ और नए ट्विस्ट जोड़े जाते तो फिल्म और ज्यादा यादगार बन सकती थी।
संगीत और तकनीकी पक्ष– फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर एक्शन दृश्यों में जान डालता है। कैमरा वर्क और लोकेशन का इस्तेमाल भी प्रभावशाली है। हालांकि गाने रिलीज के बाद भी लंबे समय तक याद नहीं रह पाते, जो फिल्म के म्यूजिक विभाग की कमजोरी मानी जा सकती है।
क्या अच्छा है?
आलिया भट्ट और शरवरी का दमदार प्रदर्शन
शानदार एक्शन और विजुअल्स
तेज रफ्तार स्क्रीनप्ले
बैकग्राउंड म्यूजिक
यशराज स्पाई यूनिवर्स का विस्तार
क्या कमजोर है?
कहानी कई जगह अनुमानित लगती है।
विलेन के किरदार को और मजबूत बनाया जा सकता था।
कुछ भावनात्मक दृश्य ज्यादा असर नहीं छोड़ते।
गानों की कमी नहीं, लेकिन यादगार धुनों का अभाव महसूस होता है।
देखें या नहीं?
अगर आपको स्पाई थ्रिलर, बड़े पैमाने का एक्शन और यशराज स्पाई यूनिवर्स की फिल्में पसंद हैं, तो ‘अल्फा’ एक बार सिनेमाघर में जरूर देखी जा सकती है। फिल्म हर मोड़ पर चौंकाती नहीं, लेकिन अपने एक्शन, स्टारकास्ट और तकनीकी गुणवत्ता के दम पर मनोरंजन करने में सफल रहती है।
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