चकिया/चंदौली। लगातार हुई बारिश के बाद जल प्लावन से फसलों को हुए नुकसान और ग्रामीण क्षेत्रों में गिरे कच्चे मकानों की स्थिति का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश किसान सभा का एक जत्था क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचा। किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद्र एडवोकेट, मंडल मंत्री नंदलाल राम, साथी बडेलाल, छोटेलाल सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने हडौरा, पहाड़पुर, मसोई, पचपरा, जेगुरी, बरूईया और केरायगांव सहित कई गांवों का दौरा किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों तक खेतों में पानी भरा रहने के कारण उनकी फसलें खराब हो गई हैं।
वहीं कई ग्रामीणों के कच्चे मकान भी बारिश और जलभराव के कारण गिर गए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने और खाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
किसान सभा के पदाधिकारियों ने मांग की कि राजस्व विभाग की टीम प्रत्येक प्रभावित गांव में पहुंचकर फसलों और मकानों को हुए नुकसान की निष्पक्ष जांच करे तथा पात्र पीड़ितों को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
करनास नदी में विद्युत पोल गिरने से गांवों में अंधेरा
ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की समस्या भी किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी।
बताया गया कि करमनासा नदी में विद्युत पोल गिरने के बाद क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित है और लोग कई दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से क्षतिग्रस्त पोल को तत्काल दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
किसान सभा ने जिलाधिकारी, एसडीएम और तहसीलदार से मांग की कि प्रभावित गांवों में लेखपाल एवं राजस्व कर्मचारियों को भेजकर वास्तविक नुकसान का सर्वे कराया जाए।
किसान सभा ने यह भी कहा कि केवल कागजी जांच के बजाय अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की स्थिति देखें, ताकि वास्तविक प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
भोजन तक का संकट झेल रहे परिवारों को तत्काल राहत की मांग
किसान सभा के नेताओं ने कहा कि जल प्लावन से प्रभावित कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनके घर और फसल दोनों बर्बाद हो चुके हैं और उनके सामने खाने-पीने की सामग्री तक का संकट उत्पन्न हो गया है।
ऐसे परिवारों को तत्काल खाद्यान्न, जरूरी सामग्री और अन्य राहत उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की गई।
किसान सभा के लालचंद सिंह ने कहा कि बरसात के दौरान फसलों के नुकसान की आशंका को लेकर संगठन द्वारा पहले भी प्रशासन को आगाह किया गया था।
अब जब कई गांवों में जलभराव से फसलें बर्बाद हो गई हैं और मकान गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो प्रशासन को बिना देरी किए युद्धस्तर पर राहत एवं सर्वे का कार्य शुरू करना चाहिए।
किसान सभा ने प्रशासन से मांग की कि प्रत्येक प्रभावित गांव में पारदर्शी तरीके से सर्वे कराकर फसल क्षति, मकान क्षति और अन्य नुकसान का आकलन किया जाए तथा पीड़ित किसानों और ग्रामीण परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा एवं राहत प्रदान की जाए।।
जिला संवाददाता सुरेंद्र सिंह नागवंशी।
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